आज के समय में ज़्यादातर लोग दुकान, ऑफिस या घर पर घंटों समय कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। और गलत तरीके से बैठने के कारण थकान, गर्दन दर्द और कमर दर्द होना आम समस्या बन गई है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि ऑफिस में बैठने का सही पोस्टचर क्या है। और कमर दर्द, गर्दन दर्द से कैसे बचा जाए, तो यह लेख आपके लिए है।

गलत पोस्टचर क्या होता है?
जब हम।
- झुककर बैठते हैं।
- गर्दन को आगे निकालकर स्क्रीन देखते हैं।
- पीठ को सहारा नहीं देते।
तो इसे गलत पोस्टचर कहा जाता है। लंबे समय तक ऐसा करने से रीढ़ की हड्डी यानी Spine पर दबाव पड़ता है।
ऑफिस में गलत बैठने से होने वाली समस्याएँ।
गलत पोस्टचर के कारण निम्न समस्याएँ हो सकती हैं।
- जल्दी थकान।
- गर्दन और कंधों में जकड़न।
- सिर दर्द।
- कमर दर्द।
- रीढ़ की हड्डी का टेढ़ापन।
शुरुआत में दर्द हल्का लगता है, लेकिन समय के साथ समस्या बढ़ जाती है।
ऑफिस में बैठने का सही पोस्टचर क्या है?
ऑफिस में सही तरीके से बैठने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:पीठ सीधी रखें।
पीठ सीधी रखें।
- कुर्सी पर बैठते समय पीठ सीधी रखें।
- कमर को कुर्सी का पूरा सहारा दें।
पैरों की सही स्थिति।
- दोनों पैर जमीन पर पूरे टिके होने चाहिए।
- पैर हवा में ना लटकें।
कंप्यूटर स्क्रीन की ऊँचाई।
- स्क्रीन आँखों के बराबर हो।
- बहुत नीचे या बहुत ऊपर न रखें।
कंधे ढीले रखें।
- कंधों को झुका कर न रखें।
- शरीर को रिलैक्स रखें।
सही कुर्सी कैसी होनी चाहिए?
ऑफिस के लिए कुर्सी।
- पीठ को पूरा सहारा देने वाली।
- आरामदायक।
- एडजस्ट होने वाली होनी चाहिए।
अगर संभव हो तो लंबर सपोर्ट वाली कुर्सी का इस्तेमाल करें। ऑफिस में बैठकर करने वाले आसान व्यायाम।
हर 1 घंटे में 2–3 मिनट के लिए ये करें।
- गर्दन को हल्का दाएँ–बाएँ घुमाना।
- कंधों को ऊपर-नीचे करना।
- खड़े होकर शरीर को स्ट्रेच करना।
इससे रक्त संचार बेहतर होता है और दर्द कम होता है।
घरेलू उपाय जो मदद कर सकते हैं?
- हल्की मालिश।
- गुनगुने पानी से सिकाई।
- ज़्यादा देर एक ही जगह न बैठना।
- रोज़ थोड़ा चलना।
ये उपाय आपको आपका पोस्टचर सुधारने में सहायक होते हैं।
ज़रूरी चेतावनी
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है।अगर गर्दन या कमर का दर्द लंबे समय से है, तो कृपया **डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
निष्कर्ष
ऑफिस में बैठने का सही पोस्टचर अपनाकर।
- कमर दर्द से बचा जा सकता है।
- शरीर स्वस्थ रहता है।
- काम करने की क्षमता बढ़ती है।
छोटी-छोटी आदतें बदलकर आप बड़ी समस्याओं से बच सकते हैं।
Aa aaa